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दीवाली की रोशनी
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PostPosted: Thu Oct 15, 2009 2:49 pm 
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Joined: Tue Dec 16, 2008 11:37 pm
Posts: 161
Ye likhi to maine pahle thi par aap sab se share kar raha hoon...

इस दीवाली पर कुछ ऐसा किया जाए दोस्तों,
हर एक दिया रोशनी से जगमगाए दोस्तों |
ये कहाँ का इंसाफ़ है मेरे खुदा तेरा,
कहीं रोशन महताब, कहीं अंधेरों का बसेरा|
क्यों ना अपने हिस्से की कुछ रोशनी बाँटी जाए,
हर अंधेरी रात मिल के काटी जाए
और किसी के बुझे चिराग को रोशन किया जाए |
ये पागलपन है तो ये भी पागलपन किया जाए
जब तक हर एक चिराग मैं ना हो रोशनी,
और हर मासूम के चेहरे पे ना हो हँसी |
तब तक हमारे चिरगों की रोशनी भी कुछ फिकी रहेगी,
और एक और दीवाली पर अंधेरों की मौजूदगी रहेगी ||


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Re: दीवाली की रोशनी
PostPosted: Fri Oct 16, 2009 11:49 am 
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Joined: Tue Dec 23, 2008 3:28 pm
Posts: 3098
dheerendra wrote:
Ye likhi to maine pahle thi par aap sab se share kar raha hoon...

इस दीवाली पर कुछ ऐसा किया जाए दोस्तों,
हर एक दिया रोशनी से जगमगाए दोस्तों |
ये कहाँ का इंसाफ़ है मेरे खुदा तेरा,
कहीं रोशन महताब, कहीं अंधेरों का बसेरा|
क्यों ना अपने हिस्से की कुछ रोशनी बाँटी जाए,
हर अंधेरी रात मिल के काटी जाए
और किसी के बुझे चिराग को रोशन किया जाए |
ये पागलपन है तो ये भी पागलपन किया जाए
जब तक हर एक चिराग मैं ना हो रोशनी,
और हर मासूम के चेहरे पे ना हो हँसी |
तब तक हमारे चिरगों की रोशनी भी कुछ फिकी रहेगी,
और एक और दीवाली पर अंधेरों की मौजूदगी रहेगी ||


Bahut Khub Sachchi diwali manane ka paigam hai,
apko bhi happy Deepawali Dheerendra ji

_________________
------------------------------------------------------------------
" Yadain "
" Batain Bhool Jati hain, Yadain yaad aati hain"


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Re: दीवाली की रोशनी
PostPosted: Fri Oct 16, 2009 9:00 pm 
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Joined: Sat Dec 20, 2008 12:48 am
Posts: 295
dheerendra wrote:
Ye likhi to maine pahle thi par aap sab se share kar raha hoon...

इस दीवाली पर कुछ ऐसा किया जाए दोस्तों,
हर एक दिया रोशनी से जगमगाए दोस्तों |
ये कहाँ का इंसाफ़ है मेरे खुदा तेरा,
कहीं रोशन महताब, कहीं अंधेरों का बसेरा|
क्यों ना अपने हिस्से की कुछ रोशनी बाँटी जाए,
हर अंधेरी रात मिल के काटी जाए
और किसी के बुझे चिराग को रोशन किया जाए |
ये पागलपन है तो ये भी पागलपन किया जाए
जब तक हर एक चिराग मैं ना हो रोशनी,
और हर मासूम के चेहरे पे ना हो हँसी |
तब तक हमारे चिरगों की रोशनी भी कुछ फिकी रहेगी,
और एक और दीवाली पर अंधेरों की मौजूदगी रहेगी ||
very good


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