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YTEEM
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PostPosted: Thu Apr 30, 2009 12:11 am 
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Joined: Mon Feb 09, 2009 5:11 pm
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एक आंटी अंकल आये थे आज
बड़ी सी चमचमाती कार में,
वह बाते कर रहे थे दीदी से
कुछ कागजों पर लिखा पढी भी कि
सारा आश्रम देखा
बाद में पूछा था उसने,
तो दीदी ने बताया था,
छोटू को लेने आये है
छोटू को पूरा ग्लास दूध मिलेगा,
बिना पानी मिला ,मलाई वाला.
ओर तीनों वक़्त का खाना भी,
नये कपड़े,खिलोने सब कुछ
उजले रंग का छोटा सा था छोटू ,
बस मुस्कुरा भर दिया था आंटी को देख ,
वैसे रंग तो उसका भी दबा हुआ नही है
मुस्कुराना छोडो हंस भी सकता है वो तो
तभी जाकर पास वाले बॅनबारी काका से
थोड़ा चूना माँग लाया था वो.
और मूँह पर उसे पोत,,दाँत निकाल
खड़ा हो गया था उसी बोर्ड के नीचे
दीदी ने बताया था एक रात वहीं
कोई टोकरी में छोड़ गया था उसे.
शायद अंधेरे में उसका रंग ओर मुस्कान
नज़र ना आए हों उन्हें
पर आज़ तो धूप है गहरी,
सब दीखेगा सॉफ सॉफ.
यक़ीनन आज़ उसकी बारी है.
नये मम्मी पापा मिलने क़ि……..


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Re: YTEEM
PostPosted: Sat May 02, 2009 6:52 pm 
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Joined: Tue Dec 23, 2008 3:28 pm
Posts: 3098
Shikha ji,
chhupe hue ehsas,
yateem sach main kitna yateem hota hai apne bakhubi uzagar kar diya

_________________
------------------------------------------------------------------
" Yadain "
" Batain Bhool Jati hain, Yadain yaad aati hain"


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Re: YTEEM
PostPosted: Fri May 08, 2009 2:49 am 
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Joined: Tue Dec 16, 2008 11:36 pm
Posts: 2493
kitni umeed palti hai na kuch suni si ankho mein

_________________
kuch pal sanjoye hai yado se lekar
unko sahejaa hai kalam se kah kar


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Re: YTEEM
PostPosted: Thu May 14, 2009 6:30 pm 
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Joined: Sat Dec 20, 2008 12:48 am
Posts: 295
shikha varshney wrote:
एक आंटी अंकल आये थे आज
बड़ी सी चमचमाती कार में,
वह बाते कर रहे थे दीदी से
कुछ कागजों पर लिखा पढी भी कि
सारा आश्रम देखा
बाद में पूछा था उसने,
तो दीदी ने बताया था,
छोटू को लेने आये है
छोटू को पूरा ग्लास दूध मिलेगा,
बिना पानी मिला ,मलाई वाला.
ओर तीनों वक़्त का खाना भी,
नये कपड़े,खिलोने सब कुछ
उजले रंग का छोटा सा था छोटू ,
बस मुस्कुरा भर दिया था आंटी को देख ,
वैसे रंग तो उसका भी दबा हुआ नही है
मुस्कुराना छोडो हंस भी सकता है वो तो
तभी जाकर पास वाले बॅनबारी काका से
थोड़ा चूना माँग लाया था वो.
और मूँह पर उसे पोत,,दाँत निकाल
खड़ा हो गया था उसी बोर्ड के नीचे
दीदी ने बताया था एक रात वहीं
कोई टोकरी में छोड़ गया था उसे.
शायद अंधेरे में उसका रंग ओर मुस्कान
नज़र ना आए हों उन्हें
पर आज़ तो धूप है गहरी,
सब दीखेगा सॉफ सॉफ.
यक़ीनन आज़ उसकी बारी है.
नये मम्मी पापा मिलने क़ि……..

kya baat khi ha


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